Thursday, January 10, 2013

कब बदलेगे हम
आज 21 वी  सदी है जाति - पाती  के बंधन  से हम उपर उठ चुके है
पर ये मात्र एक दिखावा है और एक ढखोसला  है
खुद को इग्लिश सोच का कहने वाले हम ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
पश्चमी  रहन सहन को अपनाने वाले हम
आज भी इसा पूर्व पहले की चादर ओढे बैठ है ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

आज अपने से नीची जाति से दोस्ती तो कर  सकते है लेकिन प्यार नही!!!!!!!!!!!!!!!
और अगर प्यार हो जाये तो फिर ये गिरी दिवार किसी जंग रोधक सीमेंट से
बन कर मिनटों में तैयार हो जाती है और जिसे तोडना नामुमकिन सा लगता है
फिर होती है हार  प्यार की और खड़ी होती है समझोते की दिवार ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

ताउम्र जिन्होंने आपको प्यार दिया वही आप से आपका प्यार छीन लेते है
हर ख्वाइश पूरी करने वाले जिंदगी की सब से खुबसूरत चीज़ हमेशा के लिए
हमसे दूर के देते है फिर कहते है बेटा प्यार हर बार एक सा होता कुछ वक़्त
बाद तुम भूल जाओगे और सब ठीक हो जायेगा ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

हा सब ठीक हो जाएगा इस समाज में उनकी इज्ज़त बच  जाएगी
एक बेममने से रिश्ते में बंध  कर  वो अगले घर चली जाएगी
अपने आचल में झूठी इज्जत और अपने प्यार लिए लाश लिए
फिर से एक नई जिंदगी बसाएगी ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

कोई उससे ये पूछने वाला नही है की उसे कितनी तकलीफ होती है
सब  छुप कर वो ताउम्र रोती,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

क्या अभी भी लगता है आपको की हम बदल चुके है ????????????????????????????????/



                                                                                               उमा चौधरी 

2 comments:

Ad Infinity said...

It Too Sweet Lines....

Vivek Thakur said...

Koi aaj bhi aawaaz sunne ke intezaar main hai