Friday, November 28, 2008

सपना


सपने कभी सच होते भी है क्या
किसी से पूछे तो भी क्या
हम थोड़े पागल हैं और थोडे मस्त भी
पर ये दिल करे तो भी क्या .................
सपनो की दुनिया रंगीन होती हैं
ऐसा सब कहते हैं पर हम तो इन्हें
जीते है और इन्हीं पर मरते है
हम नहीं जानते कि ये सच होते
भी हैं के नही पर इन्हे महसूस करते हैं.............

2 comments:

Unknown said...

achhi post bilkul sapne ki tarah NISHCHHAL...mere bog par bhi kuch hai jo naya hai...aapka or aapki pratikriya ka swagat hai....??


Jai Ho Mangalmay HO

Uma Chaudhary said...
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