तुम से अलग हो के बिखर सी गई है जिंदगीकिसी पुरानी किताब के पन्नो की तरहा
थोड़ी पीली,थोड़ी काली औरफट सी गई है जिंदगी ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
तुम से अलग हो के ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
गुलाब थी कभी अब बबूल हो गई हैमहकती खुशबु से अब धूल हो गई है जिंदगी तुम से अलग हो के बिखर सी गई है जिंदगी उमा चौधरी
आज फिर उनसे मुलाकात हुई ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, आखों ही आखों में बात हुई ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, कुछ लम्हे ही बिताये थे उनकी बाहों में के उनके होठों से कल की बात हुई ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, फिर झलके आसू और जम के बरसात हुई ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
अधरों पर फिर सवाल उठे
पर जवाब में सन्नाटे से मुलाकात हुई????????????????????????????? उमा चौधरी