Saturday, June 6, 2009

प्यार अँधा होता है


शादी के दो साल बाद , ये

आभास होता है

के जीवन में प्यार से कही

ज्यादा विचारो का मिलना जरूरी होता है ********

नज़र आते हैं वो हमे,
दुश्मनों
की तरह जिन से हमे
बेइंतिहा प्यार होता है ,

नाश्ते के टेबल पर रोज़
सुबह झगडा होता है ,
जब आलू के पराठे की जगह
जला हुआ टोस्ट होता है -----------

प्रेमी और प्रेमिका में जब जीवन,
को लेकर विचारो में विरोधाभास होता है
"तब कोसते है दोनों उस पल को
जब एक -दूजे से मोहोबत का अहसास होता है "

प्रेमी चिल्लाते हुए कहता है
पागल हो गया था में ,
जो प्यार किया था तुम से
तो प्रेमिका जवाब देती है ,
"बडे जोश से इकरारे मोहोबत किया था तुम ने
अब होश आया जब निकाह किया तुम ने "

मै फिजा नही जो तुम्हे चाँद समझ कर
छोड़ जाउगी, सच कहती हु सारी उम्र
तुम्हारी छाती पर मूग दलती इसी घर
में मर जाउगी ----------------------

क्या सच में प्यार एक अहसास होता है
जो प्यार करने वालो के दिलो में
हमेशा जिन्दा होता है या
फिर एक किस्सा ,जो सोनी महिवाल ,
हीर राझे के प्यार की तरह कभी पुरा ही नही होता ,
क्यो कर लेते है प्यार में लोग शादिया ,जब उन
रिश्तों को निभाना ही नही होता ,
उस वक्त याद आती बडो की बाते
" के प्यार अँधा होता है
के प्यार अँधा होता है "
उमा चौधरी